Thursday, November 6, 2014

बस भी करो अब तड़पाना


तेरी मोहब्बत ने
बनाया है दीवाना
हर पल याद आता है
तेरा अफसाना
कि धीरे से तेरा
मेरे आगोश में आना
फिर सिमट कर
बाहों में छुप जाना
दिल से उतरकर
धड़कनों में समाना
जुल्फों को अपनी
मेरे चेहरे पर बिखराना
आंखों में मेरी
तेरा डूब जाना
पलकों को झुकाकर
तेरा शरमाना
हौले से फिर
नजरों को उठाना
बिन बोले ही
बहुत कुछ कह जाना
तेरी हर बात में
मेरा जिक्र आना
कैसे भूलूं मैं तेरा
वो मुस्कुराना
कि फिर आ जाओ
मेरे पास तुम
बस भी करो
अब तड़पाना

6 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रेममयी अभिव्यक्ति...

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  2. The feelings and longings of love...lovely ! :)

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  3. वाह ... अमिट प्रेम हो तो सादगी शब्दों के माध्यम से उतर आती है ...
    प्रेम का कोमल एहसास ...

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