Friday, December 19, 2014

एक और कोशिश

जानती हूं कि आज भी
तुम कुछ नहीं बोलोगे
नहीं दोगे मुझे कोई जवाब
फिर भी करना चाहती हूं
एक और कोशिश
पूछना चाहती हूं तुमसे कि
क्या तुम भी करते हो
मुझसे प्यार

हां में या न में जो भी हो
तुम्हारा जवाब
करो तुम मेरा यकीन
कभी नहीं कम होगा
मेरे दिल में तुम्हारा रुबाब

जिंदगी की हर मुश्किल में
दूंगी हर पल मैं तुम्हारा साथ
हो चाहे मंजिल कितनी भी दूर
थामे रहूंगी मैं तुम्हारा हाथ
तुम्हारी कमजोरी नहीं
तुम्हारी ताकत बनकर
हर राह पर खड़ी रहूंगी
तुम्हारा हौसला बनकर

अगर कहोगे तुम मुझसे
कि करो कुछ दिन और इंतजार
तो भी फिक्र न करना
क्योंकि अपनी रूह में
बसाकर तुमसे करती रहूंगी
मैं हर सांस के साथ प्यार