Friday, October 3, 2014

इमरोज के लिए



जितना भी पढ़ूं तुम्हारे बारे में
उतना ही और पढ़ने का मन करता है
तुम्हारे बारे में और जानने का
तुम्हें महसूस करने का मन करता है
तुम्हारी संजीदगी से प्यार हो गया है मुझे
हो गया है मुझे तुम्हारी लेखनी से प्यार
तुम्हारी सोच से प्यार है मुझे
तुम्हारे समर्पण से प्यार है मुझे
तुम्हारी सादगी से प्यार है मुझे
तुम्हारे कैनवास
तुम्हारी कूंची से प्यार है मुझे
प्यार है मुझे तुम्हारे उस प्यार से
जो तुमने अमृता को किया
सच कहूं तो मुझे तुमसे प्यार है
तुम बहुत अच्छे हो इमरोज