Monday, October 20, 2014

तुम भी करोगे मुझसे प्यार

बहुत प्यार करती हूं मैं तुमसे
खुद से भी ज्यादा
शायद रह लूं मैं तुमसे दूर भी
लेकिन नहीं रहना चाहती मैं तुम्हारे बिना
आज मांगना है मुझे तुमसे एक हक
क्या तुम मुझे दोगे ये अधिकार कि
सुबह आंखें खोलकर जिसको
मैं सबसे पहले देखूं
वो चेहरा तुम्हारा हो
जिसके सीने में छिपने से
मुझे हर खुशी मिल जाए
वो सीना तुम्हारा हो
जिसका साथ पाकर
हर मुश्किल से लड़ सकूं
वो साथ तुम्हारा हो
जिसके कांधे पर सिर रखकर
हर गम को पी सकूं
वो कांधा तुम्हारा हो
जिसके सहारे
पूरा जीवन जी सकूं
वो प्यार तुम्हारा हो
जिसकी बांहो के घेरे में
मैं सुरक्षित महसूस करूं
वो घेरा तुम्हारा हो
मेरी हर सुबह हर शाम
पर पहरा तुम्हारा हो
बोलो न
क्या तुम दोगे मुझे ये हक
कि जिसका हाथ थामकर
मैं सात फेरे लूं
वो हाथ तुम्हारा हो
मेरे हर गम हर खुशी
हर दिन हर रात
हर लम्हे हर पल
पर नाम तुम्हारा हो
क्या निभाओगे मेरा साथ
ताउम्र मेरा हाथ थामकर
बनोगे तुम मेरे हमसफर
तुम भी करोगे मुझसे प्यार

तुम्हारी ‘हां’ के इंतजार में