Monday, February 11, 2013

प्यार क्या है??



कोई कहता है प्यार आवाज नहीं, कोई कहता है प्यार खामोश नहीं, कोई कहता है प्यार खुशियों की नदी है, तो कोई कहता है कि प्यार गम का सागर है। किसी को शम्मा में जलते हुए परवाने का प्यार नजर आता है तो किसी को चांद तारे तोड़ कर लाने का इकरार समझ आता है। कोई कहता है प्यार में पाना ही सब कुछ नहीं तो कोई कहता है जो खो जाए वो प्यार नहीं। कोई प्यार में जान देने को तैयार है तो कोई कहता है जान लेना कहां का प्यार है। किसी को कभी न मिलने वाले रोमियो जूलियट और लैला मजनू का प्यार सदाबहार लगता है कोई साथ-साथ जीने और मरने वाले दादा-दादी के प्यार के किस्से सुनाता है। हर किसी की प्यार की अपनी-अपनी परिभाषा है, प्यार के बारे में बताने का, प्यार को तोलने का, मापने का तरीका है, लेकिन मैं आज तक नहीं समझ पाई कि आखिर प्यार क्या है??? राधा और कृष्ण का प्यार सच्चा है या मेरे पापा मम्मी का प्यार अच्छा है??