Friday, August 15, 2014

कान्हा तुम ही मेरा प्यार हो


साज तुम्हीं, शृंगार तुम्हीं, तुम जीवन का आधार हो
हृदय तुम्हीं, धड़कन तुम्हीं, तुम ही मेरा प्यार हो

आदि तुम्हीं, अनादि तुम्हीं, तुम ही अनन्त का सार हो
रग-रग में बहता लहू हो तुम, जीवन की रसधार हो

धर्म तुम्हीं, अधर्म तुम्हीं, प्रतिशोध तुम ही, प्रतिकार हो
भक्ति तुम्हीं, समर्पण तुम्हीं, स्वप्न तुम ही साकार हो

गोपियों के हो कन्हइया तुम, यशोदा का संसार हो
मीरा के तुम गिरधर नागर, राधा के प्राणाधार हो

कान्हा तुम्हीं, केशव तुम्हीं, तुम ही नंद के लाल हो
मंद-मंद मुस्कान लिए तुम सबके खेवनहार हो

जन्म दिवस है आज तुम्हारा, तुम्हें समर्पित नेह है सारा
सभी मंगल गीत हैं गाएं, तुम ही हर मां का दुलार हो

गायों के तुम, ग्वालों के तुम, सिर मोर मुकुट चितचोर हो
आशा तुम्हीं, अभिलाषा तुम्हीं, मेरे जीवन की डोर हो

साज तुम्हीं, शृंगार तुम्हीं, तुम जीवन का आधार हो
हृदय तुम्हीं, धड़कन तुम्हीं, तुम ही मेरा प्यार हो

41 comments:

  1. सुंदर प्रस्तुति...
    दिनांक 18/08/2014 की नयी पुरानी हलचल पर आप की रचना भी लिंक की गयी है...
    हलचल में आप भी सादर आमंत्रित है...
    हलचल में शामिल की गयी सभी रचनाओं पर अपनी प्रतिकृयाएं दें...
    सादर...
    कुलदीप ठाकुर

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  2. बहुत सुंदर प्रस्तुति.
    इस पोस्ट की चर्चा, रविवार, दिनांक :- 17/08/2014 को "एक लड़की की शिनाख्त" :चर्चा मंच :चर्चा अंक:1708 पर.

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    1. सादर आभार राजीव जी

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  3. धर्म तुम्हीं, अधर्म तुम्हीं, प्रतिशोध तुम ही, प्रतिकार होभक्ति तुम्हीं, समर्पण तुम्हीं, स्वप्न तुम ही साकार हो

    बहुत ही प्यारी कृष्णा के प्रेम में डूबी रचना अनुषा।।

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  4. bahut hi sunder . bolu to lajawaab likha hai aapne...waahhhh

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    1. सादर आभार परी जी।।।

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  5. भगवन कृष्ण की कृपा आपकी लेखनी पर यू ही बनी रहे ।

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    1. सादर आभार नवीन जी।।।

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  6. कान्हा के लिए सुन्दर रचना.

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  7. साज तुम्हीं, शृंगार तुम्हीं, तुम जीवन का आधार हो
    हृदय तुम्हीं, धड़कन तुम्हीं, तुम ही मेरा प्यार हो
    .... भावनाओं का अनुपम श्रृंगार किया है आपने प्रत्‍येक पंक्ति में

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  8. कृष्ण-जन्म के अवसर पर सुंदर प्रस्तुति.

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  9. मनमोहक प्रस्तुति...कृष्ण जन्म दिवस पर सभी कृष्णमय हो जायें...इस आशा के साथ... मंगलकामनायें...

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    1. आभार वानभट्ट जी।।।
      कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई

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  10. बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

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  11. इतनी समर्पण-भावना -मन को छू गई !

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    1. प्रतिक्रिया के लिए आभार

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  12. कितनी सुंदर समर्पण भावना !

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  13. जन्म दिवस है आज तुम्हारा, तुम्हें समर्पित नेह है सारा
    सभी मंगल गीत हैं गाएं, तुम ही हर मां का दुलार हो..
    बहुत सुन्दर
    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगलमय शुभकामनायें!
    ..

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    1. आपको भी जन्माष्टमी की शुभकामनायें

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  14. कान्हा की भक्ति और प्रेम के रस में डूबी कविता… बहुत उम्दा..!!

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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    1. प्रतिक्रिया के लिए आभार
      आपको भी जन्माष्टमी की शुभकामनायें

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  15. बहुत सुन्दर और भावुक अभिव्यक्ति

    जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाऐं ----
    सादर --

    कृष्ण ने कल मुझसे सपने में बात की -------

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    1. प्रतिक्रिया के लिए आभार।।
      जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई आपको भी

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  16. आग्रह है मेरे ब्लॉग में सम्मलित हों
    कृष्ण ने कल मुझसे सपने में बात की -------

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  17. wah ! mantr mugdh ho gayi apki ye rachna padh kar

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  18. प्रेम के रस में डूबी कविता….बेहतरीन प्रस्‍तुति ...आभार

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  19. गायों के तुम, ग्वालों के तुम, सिर मोर मुकुट चितचोर हो
    आशा तुम्हीं, अभिलाषा तुम्हीं, मेरे जीवन की डोर हो..
    कान्हा जिसके साथ उसे कोई और कहाँ भाये ... बहुत लाजवाब है हर शेर ...

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    1. शुक्रिया नासवा जी

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