Tuesday, September 9, 2014

जिसे आता प्यार निभाना है


दुआओं बद्दुओं का नाता बहुत पुराना है
जो किस्मत है मिलेगा वही ये तो सबने माना है

मुश्किल हालात में भी हिम्मत जुटाना है
लहरों से लड़कर ही दरिया के पार जाना है

जिंदगी इतनी भी नहीं है आसां जितनी बचपन में लगती है
जवानी में कदम रखने पर इस मर्म को जाना है

दाव-पेच ऊंची-नीच का खेल ये जमाना है
जीतता वही है इसमें जिसे आता प्यार निभाना है

18 comments:

  1. जिंदगी इतनी भी नहीं है आसां जितनी बचपन में लगती है
    जवानी में कदम रखने पर इस मर्म को जाना है
    एकदम सटीक

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  2. वाह .... बहुत ही अनुपम प्रस्‍तुति

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  3. मुश्किल हालात में भी हिम्मत जुटाना है
    लहरों से लड़कर ही दरिया के पार जाना है...
    सच कहा है ...होंसला है तो उतर पतवार से होता है क्या ...
    सुन्दर शेरों से सज्जित ग़ज़ल ...

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  4. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के - चर्चा मंच पर ।।

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  5. शब्दों की जीवंत भावनाएं... सुन्दर चित्रांकन.
    बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी.बेह्तरीन........शुभकामनायें.

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  6. जिंदगी इतनी भी नहीं है आसां जितनी बचपन में लगती है
    जवानी में कदम रखने पर इस मर्म को जाना है

    बहुत शानदार रचना :)

    रंगरूट

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  7. Bahut sunder abhivyakti housala barkaraar rahe !!

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