Friday, June 6, 2014

भीख मांगता बच्चा

चौराहे पर खड़ा एक छोटा बच्चा
हाथ फैलाकर मांग रहा था
किसी से एक किसी से दो 
तो किसी से दस रुपये
आते-जाते कुछ लोग डाल देते थे उसके
कटोरे में कुछ भीख
कुछ लोग दे देते थे उसे खाने के लिए 
कोई बिस्किट तो कोई नमकीन
लेकिन नहीं दे रहा था उसे कोई सीख
कि बेटा नहीं तुम्हारी उम्र मांगने की भीख 
अभी तो पूरा जीवन है तुम्हारे सामने
चाहो तो संवार सकते हो तुम अपनी जिंदगी
अपने इन्हीं हाथों से जिनमें तुमने पकड़ा है कटोरा
लेकिन इसके लिए तुम्हें बस करनी होगी मेहनत
लड़ना होगा अपने हालातों से 
समझना होगा कि भीख मांगना ही नहीं है तुम्हारी किस्मत
कि तुम ही हो इस देश का भविष्य और
नहीं मांगने दोगे तुम भविष्य में इस देश को भीख

8 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस' प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (07-06-2014) को ""लेखक बेचारा क्या करे?" (चर्चा मंच-1636) पर भी होगी!
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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  2. सही कहा लेकिन उसे जरूरत है मदद की। आपके हमारे मदद की।

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    1. जी आशा जी वाकई उसे हमारी आपकी जरूरत है

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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  4. धन्यवाद।।।

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